अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी हुक्मरान तेहरान के परमाणु मिशन पर ईरान और अमेरिका के मध्य जारी वार्ता में एक “बड़ी कामयाबी” की आस लगाए हुए हैं। साथ ही, वे वाशिंगटन और तेहरान के बीच संदेशों के आदान-प्रदान के सिलसिले को मुस्तैदी से जारी रखे हुए हैं।
Donald Trump Pakistan Visit
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी अधिकारी तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर ईरान और अमेरिका के मध्य जारी बातचीत में एक “बड़ी सफलता” की आस लगाए हुए हैं। इस्लामाबाद उन राजनयिक कोशिशों को तेज़ कर रहा है जिनका लक्ष्य उस संघर्ष को खत्म करना है जिसमें अब तक हजारों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
बुधवार को यह संभावना तब और पुख्ता हो गई जब सेना प्रमुख आसिम मुनीर की अगुवाई में एक उच्च स्तरीय पाकिस्तानी दल तेहरान पहुँचा। ईरान के सरकारी न्यूज़ चैनल ‘Press TV’ के अनुसार, यह टीम अमेरिकी नेतृत्व का संदेश ईरानी हुकूमत तक पहुँचाने के उद्देश्य से वहाँ गई है।
वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एयरपोर्ट पर आसिम मुनीर का इस्तकबाल किया और पाकिस्तान की ओर से इस वार्ता की मेजबानी करने के लिए शुक्रिया अदा किया। प्रेस टीवी के अनुसार, मुनीर अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की बातचीत की जमीन तैयार करने का प्रयास कर रहे हैं।
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अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी हुक्मरान “परमाणु मुद्दे पर बड़ी प्रगति” की उम्मीद जता रहे हैं और प्रतिनिधिमंडल लगातार वाशिंगटन और तेहरान के बीच संदेशों का आदान-प्रदान कर रहा है। गौरतलब है कि सबसे बड़ा विवाद इस बात पर केंद्रित है कि ईरान परमाणु संवर्धन की प्रक्रिया कब रोकेगा और उसके पास मौजूद 440 किलोग्राम उच्च-शुद्धता वाले यूरेनियम का निस्तारण कैसे होगा।
रिपोर्ट बताती है कि “इस पर भी मंथन हो रहा है कि ईरान अपने पास सुरक्षित 440 किलोग्राम परमाणु-संवर्धित सामग्री का क्या उपयोग करेगा। इसके लिए कई विकल्प हैं – या तो इसे किसी तीसरे देश भेजना, इसे प्राकृतिक यूरेनियम में तब्दील करना या फिर इसे 3 प्रतिशत तक संवर्धित करना।”
बता दें कि पाकिस्तान की यह ‘शटल कूटनीति’ उस वक्त शुरू हुई, जब इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई चर्चा बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई थी। मध्यस्थ देश अब तीन मुख्य बिंदुओं पर समझौता कराने के लिए दबाव डाल रहे हैं: ईरान का परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण (जिसे तेहरान ने प्रभावी रूप से बंद कर दिया है और जिससे तेल की कीमतें बढ़ी हैं), और युद्ध के दौरान हुए नुकसान का मुआवजा।
Donald trump का बड़ा ऐलान: ‘ईरान के साथ डील हुई तो मैं खुद पाकिस्तान जाऊंगा’
वहीं दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु मिशन को लेकर एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। गुरुवार, 16 अप्रैल को ट्रंप ने कहा कि यदि युद्ध को समाप्त करने के लिए ईरान के साथ कोई सहमति बनती है और उस समझौते पर इस्लामाबाद में हस्ताक्षर होते हैं, तो वह स्वयं पाकिस्तान का दौरा कर सकते हैं। इस अवसर पर उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान में उन्हें काफी पसंद किया जाता है और वहां के अधिकारी चाहते हैं कि ट्रंप पाकिस्तान आएं।
नेवादा और एरिजोना के दौरे पर जाते वक्त, व्हाइट हाउस के लॉन में पत्रकारों से चर्चा करते हुए ट्रंप ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच अगले सप्ताह समाप्त होने वाले संघर्षविराम (Ceasefire) को आगे बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि संभवतः इसकी आवश्यकता न पड़े। ट्रंप ने स्पष्ट किया, “यदि इस्लामाबाद में किसी संधि पर दस्तखत होते हैं, तो मैं वहां जरूर जा सकता हूं।”
Donald Trump ने की पाक नेतृत्व की जमकर सराहना
डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की काफी तारीफ की। ट्रंप ने अपने बयान में कहा, “फील्ड मार्शल बहुत ही काबिल हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री भी बेहतरीन इंसान हैं, इसलिए मुमकिन है कि मैं वहां जाऊं। वे वाकई चाहते हैं कि मैं पाकिस्तान आऊं।”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे जोर देते हुए कहा कि पाकिस्तान ने मध्यस्थ (Mediator) के रूप में “अतुलनीय” कार्य किया है और इस पूरी प्रक्रिया में इस्लामाबाद की भूमिका अत्यंत सकारात्मक और रचनात्मक रही है।
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