होर्मुज स्ट्रेट फिर बंद: ईरान का बड़ा फैसला, कहा- अमेरिका ने तोड़ा भरोसा

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तेहरान: होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को ईरान ने एक बार फिर बंद करने का एलान कर दिया है। ईरान का सीधा आरोप है कि अमेरिका ने अपने वादों को पूरा नहीं किया है, जिसके कारण उन्हें यह कड़ा कदम उठाना पड़ा।

होर्मुज स्ट्रेट फिर बंद: ईरान का बड़ा फैसला, कहा- अमेरिका ने तोड़ा भरोसा

नाकाबंदी और बढ़ता तनाव

ईरानी पक्ष का कहना है कि अमेरिका न केवल अपने वादे तोड़ रहा है, बल्कि ईरानी बंदरगाहों की लगातार नाकाबंदी भी कर रहा है। इससे पहले शनिवार सुबह ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर घालिबाफ ने सख्त लहजे में चेतावनी दी थी कि अगर अमेरिका अपनी यह नाकाबंदी तुरंत नहीं हटाता, तो होर्मुज स्ट्रेट को अब और “खुला नहीं रखा जाएगा।”

IRGC का सख्त नियंत्रण

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने शनिवार को आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य अब फिर से पहले की तरह “सख्त निगरानी और प्रबंधन” वाली स्थिति में लौट आया है। ईरान के सेंट्रल मिलिट्री हेडक्वार्टर ने इसकी घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि अब इस मार्ग पर नियंत्रण पूरी तरह ईरानी सेना के पास है।

ईरान की सरकारी मीडिया IRIB के अनुसार:

“ईरान ने पहले हुए समझौते के तहत होर्मुज से सीमित संख्या में जहाजों को निकलने की अनुमति दी थी। लेकिन अमेरिका ने अपनी जिम्मेदारियों का पालन नहीं किया, इसलिए अब यहाँ से गुजरने के लिए ईरान की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।”

कहाँ फंसा पेंच?

विवाद की जड़ कल शुक्रवार को हुए घटनाक्रम में है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी थी कि लेबनान सीजफायर के बाद यह रास्ता व्यापार के लिए “पूरी तरह खुला” है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बयान का स्वागत तो किया, लेकिन साथ ही यह भी कह दिया कि जब तक कोई अंतिम डील नहीं हो जाती, ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकाबंदी जारी रहेगी। ईरान ने इस पर नाराजगी जताते हुए इसे अमेरिका की गुमराह करने वाली नीति बताया।

IRGC की अंतिम चेतावनी

IRGC के खातम अल-अंबिया मुख्यालय ने अमेरिका के व्यवहार को ‘लूटपाट’ जैसा करार दिया है। उन्होंने साफ कहा कि जब तक अमेरिका अपनी अवैध नाकाबंदी को खत्म नहीं करता, तब तक होर्मुज स्ट्रेट पर ईरानी सशस्त्र बलों का सख्त नियंत्रण बरकरार रहेगा।

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दुनिया के लिए क्यों है यह चिंता का विषय?

  • तेल सप्लाई: दुनिया के कुल तेल का लगभग 20% हिस्सा इसी संकरे रास्ते से गुजरता है।
  • आर्थिक असर: फरवरी में जब यह रास्ता बंद हुआ था, तो वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गई थीं।
  • समय सीमा: फिलहाल यहाँ का ट्रैफिक इजरायल-लेबनान के बीच हुए 10 दिनों के अस्थिर सीजफायर पर टिका है, जो 26 अप्रैल को समाप्त हो रहा है।
भारत पर क्या होगा इसका असर?

होर्मुज स्ट्रेट का बंद होना भारत के लिए बड़ी चिंता का विषय है क्योंकि भारत अपनी जरूरत का भारी मात्रा में कच्चा तेल इसी रास्ते से आयात करता है। अगर यह तनाव लंबा खिंचता है, तो भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल सकता है। इसके अलावा, खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीयों की सुरक्षा और वहां से आने वाले रेमिटेंस पर भी इसका सीधा असर पड़ने की संभावना है।

2 thoughts on “होर्मुज स्ट्रेट फिर बंद: ईरान का बड़ा फैसला, कहा- अमेरिका ने तोड़ा भरोसा”

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